हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.163.8

मंडल 1 → सूक्त 163 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 163
अनु॑ त्वा॒ रथो॒ अनु॒ मर्यो॑ अर्व॒न्ननु॒ गावोऽनु॒ भगः॑ क॒नीना॑म् । अनु॒ व्राता॑स॒स्तव॑ स॒ख्यमी॑यु॒रनु॑ दे॒वा म॑मिरे वी॒र्यं॑ ते ॥ (८)
हे अश्व! रथ, मनुष्य, गाएं एवं नारियों के सौभाग्य तुम्हारे पीछे चलते हैं, अन्य अश्व तुम्हारे पीछे चलकर तुम्हारी मित्रता प्राप्त कर चुके हैं. ऋत्विज्‌ तुम्हारे शौर्यकर्मो की स्तुति करके प्रसन्न होते हैं. (८)
Oh, horse! The good fortunes of chariots, men, cows and women follow you, other horses have followed you and found your friendship. Ritwiz is pleased to praise your bravery deeds. (8)