हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.22.11

मंडल 1 → सूक्त 22 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 22
अ॒भि नो॑ दे॒वीरव॑सा म॒हः शर्म॑णा नृ॒पत्नीः॑ । अच्छि॑न्नपत्राः सचन्ताम् ॥ (११)
मनुष्यों का पालन करने वाली एवं शीघ्रगामिनी देवियां रक्षा एवं परम सुख देने के लिए हम पर प्रसन्न हों. (११)
May the goddesses who follow men and be happy with us to protect and give us the ultimate happiness. (11)