हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.24.3

मंडल 1 → सूक्त 24 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 24
अ॒भि त्वा॑ देव सवित॒रीशा॑नं॒ वार्या॑णाम् । सदा॑वन्भा॒गमी॑महे ॥ (३)
हे सदा रक्षा करने वाले सूर्य देव! तुम उत्तम धन के स्वामी हो, इसलिए मैं तुमसे उपभोग करने योग्य धन मांगता हूं. (३)
O the sun god who always protects! You are the master of the best wealth, so I ask you for consumable wealth. (3)