ऋग्वेद (मंडल 1)
उ॒त यो मानु॑षे॒ष्वा यश॑श्च॒क्रे असा॒म्या । अ॒स्माक॑मु॒दरे॒ष्वा ॥ (१५)
वरुण ने मनुष्यों की उदरपूर्ति के लिए पर्याप्त अन्न पैदा किया है. वे विशेष रूप से हमारी उदरपूर्ति करते हैं. (१५)
Varuna has produced enough food for the stomach supply of human beings. They especially supply our stomach. (15)