हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.119.9

मंडल 10 → सूक्त 119 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 119
हन्ता॒हं पृ॑थि॒वीमि॒मां नि द॑धानी॒ह वे॒ह वा॑ । कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑ ॥ (९)
मैं धरती को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान पर रख सकता हूं. मैं अनेक बार सोमपान कर चुका हूं. (९)
I can lift up the earth from one place to another. I've been to sompan several times. (9)