ऋग्वेद (मंडल 10)
नेता॑र ऊ॒ षु ण॑स्ति॒रो वरु॑णो मि॒त्रो अ॑र्य॒मा । अति॒ विश्वा॑नि दुरि॒ता राजा॑नश्चर्षणी॒नामति॒ द्विषः॑ ॥ (६)
वरुण, मित्र और अर्यमा कुशल नेता हैं. ये हमें पाप से दूर ले जावें. प्रजाओं के स्वामी उक्त देव हमें सभी पापों एवं शत्रुओं से बचावें. (६)
Varun, a friend and Aryama are skilled leaders. Let them take us away from sin. May the lord of the people save us from all sins and enemies. (6)