हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.158.4

मंडल 10 → सूक्त 158 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 158
चक्षु॑र्नो धेहि॒ चक्षु॑षे॒ चक्षु॑र्वि॒ख्यै त॒नूभ्यः॑ । सं चे॒दं वि च॑ पश्येम ॥ (४)
हे सूर्य! हमारी आंखों को देखने की शक्ति दो. हम सारी वस्तुओं को देख सकें, इसके लिए हमें आंखें दो. हम सभी चीजों को सामूहिक रूप से देखें. (४)
O sun! Give us the power to see our eyes. For all things we can see, give us eyes. Let's look at all things collectively. (4)