ऋग्वेद (मंडल 10)
चक्षु॑र्नो धेहि॒ चक्षु॑षे॒ चक्षु॑र्वि॒ख्यै त॒नूभ्यः॑ । सं चे॒दं वि च॑ पश्येम ॥ (४)
हे सूर्य! हमारी आंखों को देखने की शक्ति दो. हम सारी वस्तुओं को देख सकें, इसके लिए हमें आंखें दो. हम सभी चीजों को सामूहिक रूप से देखें. (४)
O sun! Give us the power to see our eyes. For all things we can see, give us eyes. Let's look at all things collectively. (4)