हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.158.3

मंडल 10 → सूक्त 158 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 158
चक्षु॑र्नो दे॒वः स॑वि॒ता चक्षु॑र्न उ॒त पर्व॑तः । चक्षु॑र्धा॒ता द॑धातु नः ॥ (३)
सविता देव, पर्वत एवं विधाता हमें आंखें प्रदान करें. (३)
Savita Dev, Parvat and Vidhata give us eyes. (3)