हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.97.9

मंडल 10 → सूक्त 97 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
इष्कृ॑ति॒र्नाम॑ वो मा॒ताथो॑ यू॒यं स्थ॒ निष्कृ॑तीः । सी॒राः प॑त॒त्रिणीः॑ स्थन॒ यदा॒मय॑ति॒ निष्कृ॑थ ॥ (९)
हे ओषधियो! तुम्हारी माता का नाम इष्कृति अर्थात्‌ रोगविनाशिका है, इसलिए तुम भी इष्कृति हो. तुम रोग को बाहर निकालने वाली एवं पतनयुक्त हो. तुम रोगी को स्वस्थ करो. (९)
O ladies! Your mother's name is Ishkriti i.e. Rogini, so you are also a godly. You are going to remove the disease and fallout. You make the patient healthy. (9)