हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 2.41.7

मंडल 2 → सूक्त 41 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 2)

ऋग्वेद: | सूक्त: 41
गोम॑दू॒ षु ना॑स॒त्याश्वा॑वद्यातमश्विना । व॒र्ती रु॑द्रा नृ॒पाय्य॑म् ॥ (७)
हे सत्यवादी अश्विनीकुमारो एवं रुद्रो! यज्ञ के नेता देवों के पीने योग्य सोम को गायों तथा अश्वों से युक्त करके अपने मार्ग से लाओ. (७)
O truthful Ashwinikumaro and Rudra! The leader of the yajna, bring the drinkable mon of the devas from your way by containing cows and horses. (7)