ऋग्वेद (मंडल 3)
उप॒ प्रेत॑ कुशिकाश्चे॒तय॑ध्व॒मश्वं॑ रा॒ये प्र मु॑ञ्चता सु॒दासः॑ । राजा॑ वृ॒त्रं ज॑ङ्घन॒त्प्रागपा॒गुद॒गथा॑ यजाते॒ वर॒ आ पृ॑थि॒व्याः ॥ (११)
हे कुशिकगोत्रीय पुत्रो! अश्व के पास जाओ एवं सावधान रहो. राजा सुदास का अश्व दिग्विजय द्वारा धन पाने के लिए छोड़ दो. राजा इंद्र ने वृत्र को पूर्व, पश्चिम एवं उत्तर दिशाओं में मारा था. राजा सुदास पृथ्वी के उत्तम भाग में यज्ञ करें. (११)
O sons of Kushikgotriya! Go to the horse and be careful. Leave the horse of King Sudas to get wealth by Digvijaya. King Indra had hit Vrithra in the east, west and north directions. King Sudas perform yajna in the best part of the earth. (11)