हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.32.18

मंडल 4 → सूक्त 32 → श्लोक 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
स॒हस्रा॑ ते श॒ता व॒यं गवा॒मा च्या॑वयामसि । अ॒स्म॒त्रा राध॑ एतु ते ॥ (१८)
हे इंद्र! हम तुम्हारी हजारों और सैकड़ों गायों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. हमारा धन तुम्हारे समीप पहुंचे. (१८)
O Indra! We attract thousands and hundreds of your cows to you. Our money came close to you. (18)