ऋग्वेद (मंडल 4)
स॒हस्रा॑ ते श॒ता व॒यं गवा॒मा च्या॑वयामसि । अ॒स्म॒त्रा राध॑ एतु ते ॥ (१८)
हे इंद्र! हम तुम्हारी हजारों और सैकड़ों गायों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. हमारा धन तुम्हारे समीप पहुंचे. (१८)
O Indra! We attract thousands and hundreds of your cows to you. Our money came close to you. (18)