ऋग्वेद (मंडल 5)
उ॒त नो॒ विष्णु॑रु॒त वातो॑ अ॒स्रिधो॑ द्रविणो॒दा उ॒त सोमो॒ मय॑स्करत् । उ॒त ऋ॒भव॑ उ॒त रा॒ये नो॑ अ॒श्विनो॒त त्वष्टो॒त विभ्वानु॑ मंसते ॥ (४)
विष्णु अथवा अहिंसक वायु अथवा धन देने वाले सोम हमें सुख दें. ऋभुगण, अश्चिनीकुमार, त्वष्टा एवं विभु हमें धन देने के लिए प्रसन्न हों. (४)
May Vishnu or the non-violent air or the money-giving Mons give us happiness. May Ribhugana, Ashchinikumar, Tvashta and Vibhu be happy to give us money. (4)