ऋग्वेद (मंडल 5)
विश्वो॑ दे॒वस्य॑ ने॒तुर्मर्तो॑ वुरीत स॒ख्यम् । विश्वो॑ रा॒य इ॑षुध्यति द्यु॒म्नं वृ॑णीत पु॒ष्यसे॑ ॥ (१)
सभी मनुष्य सविता देव से मित्रता की याचना करें, सब लोग उनसे धन की कामना करें एवं पुष्टि के लिए धन पावें. (१)
Let all human beings beg for friendship with Savita Dev, let all people wish her money and get money for confirmation. (1)
ऋग्वेद (मंडल 5)
ते ते॑ देव नेत॒र्ये चे॒माँ अ॑नु॒शसे॑ । ते रा॒या ते ह्या॒३॒॑पृचे॒ सचे॑महि सच॒थ्यैः॑ ॥ (२)
हे सविता देव! हम यजमान तथा होता आदि अन्य लोग जो स्तुतियां करते हैं, वे सब तुम्हारी ही हैं. तुम हमारी अभिलाषाएं पूर्ण करो एवं दोनों प्रकार के लोगों को धनी बनाओ. (२)
O Savita Dev! The praises that we host and other people, etc., all praises are yours. Fulfill our desires and make both kinds of people rich. (2)
ऋग्वेद (मंडल 5)
अतो॑ न॒ आ नॄनति॑थी॒नतः॒ पत्नी॑र्दशस्यत । आ॒रे विश्वं॑ पथे॒ष्ठां द्वि॒षो यु॑योतु॒ यूयु॑विः ॥ (३)
अतः इस यज्ञ के नेता एवं अतिथि के समान पूज्य देवों की सेवा करो एवं देवपत्नियों की सेवा करो. सबको विभक्त करने वाले सविता दूरवर्ती भागों में उपस्थित बैरियों को हमसे दूर रखें. (३)
So serve the gods worshipped as the leader and guest of this yajna and serve the devas and wives. Keep away from us the enemies present in the remote parts of Savita who divides everyone. (3)
ऋग्वेद (मंडल 5)
यत्र॒ वह्नि॑र॒भिहि॑तो दु॒द्रव॒द्द्रोण्यः॑ प॒शुः । नृ॒मणा॑ वी॒रप॒स्त्योऽर्णा॒ धीरे॑व॒ सनि॑ता ॥ (४)
जिस यज्ञ में यज्ञ को धारण करने वाला एवं यूप से बांधने योग्य पशु यूप के पास जाता है. उस यज्ञ में यजमान वीर पत्नियां, पुत्र, घर, धरती, धन आदि पाता है. (४)
In which the yajna is the one who holds the yajna and is able to tie the yupe to the yup. In that yajna, the host finds heroic wives, sons, houses, earth, wealth, etc. (4)
ऋग्वेद (मंडल 5)
ए॒ष ते॑ देव नेता॒ रथ॒स्पतिः॒ शं र॒यिः । शं रा॒ये शं स्व॒स्तय॑ इषः॒स्तुतो॑ मनामहे देव॒स्तुतो॑ मनामहे ॥ (५)
हे सविता देव! तुम्हारा यह रथ धन से युक्त एवं सबका पालन करने वाला है. यह हमारे लिए सुख प्रदान करे. हम सुख, धन एवं अन्न पाने के लिए स्तुतियां करते हैं. हम स्तुति योग्य सविता की स्तुति करते हैं. (५)
O Savita Dev! This chariot of yours is full of wealth and will follow everyone. May it bring happiness to us. We praise for happiness, wealth and food. We praise the praiseworthy Savita. (5)