हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.78.2

मंडल 5 → सूक्त 78 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
अश्वि॑ना हरि॒णावि॑व गौ॒रावि॒वानु॒ यव॑सम् । हं॒सावि॑व पतत॒मा सु॒ताँ उप॑ ॥ (२)
हे अश्विनीकुमारो! जिस प्रकार हिरण एवं गौरमृग घास तथा हंस साफ पानी के पास आते हैं, उसी प्रकार तुम हमारे सोमरस के पास आओ. (२)
O Ashwinikumaro! Just as deer and gourd grass and swan come near clean water, so come to our somras. (2)