हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.78.3

मंडल 5 → सूक्त 78 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
अश्वि॑ना वाजिनीवसू जु॒षेथां॑ य॒ज्ञमि॒ष्टये॑ । हं॒सावि॑व पतत॒मा सु॒ताँ उप॑ ॥ (३)
हे अन्नप्राप्ति के लिए घर देने वाले अश्चिनीकुमारो! हमारी इच्छा पूरी करने के लिए इस यज्ञ में आओ. हंस जैसे साफ पानी के पास जाते हैं, वैसे ही तुम हमारे सोमरस के पास आओ. (३)
O Ashchinikumaro who gives houses for the sake of food! Come to this yagna to fulfill our wish. Go to clean water like gooses, so you come to our somras. (3)