हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.63.7

मंडल 6 → सूक्त 63 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 63
आ वां॒ वयोऽश्वा॑सो॒ वहि॑ष्ठा अ॒भि प्रयो॑ नासत्या वहन्तु । प्र वां॒ रथो॒ मनो॑जवा असर्जी॒षः पृ॒क्ष इ॒षिधो॒ अनु॑ पू॒र्वीः ॥ (७)
हे अश्चिनीकुमारो! तेज चलने वाले व बोझा ढोने में कुशल घोड़े तुम्हें सोमरूपी अन्न के समीप ले जावें. तुम्हारा मन के समान तेज चलने वाला रथ अपनाने-योग्य, चाहने-योग्य एवं अधिक मात्रा वाले सोमरूपी अन्न के हेतु छोड़ा गया है. (७)
O aschinikumaro! Let the fast-moving and load-carrying horses take you close to the Somrupi food. Your heart-like fast-moving chariot is left for adoptable, desirable and high-volume somrupi food. (7)