हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.75.13

मंडल 6 → सूक्त 75 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 75
आ ज॑ङ्घन्ति॒ सान्वे॑षां ज॒घना॒ँ उप॑ जिघ्नते । अश्वा॑जनि॒ प्रचे॑त॒सोऽश्वा॑न्स॒मत्सु॑ चोदय ॥ (१३)
हे कोड़े! उत्तम ज्ञान वाले सारथि तुम्हारे द्वारा घोड़ों को पीठ और जांघों पर चोट करते हैं. तुम युद्ध में घोड़ों को प्रेरणा दो. (१३)
Hey whip! The charioteer with the best knowledge hurts the horses on the back and thighs through you. You inspire horses in battle. (13)