हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.75.12

मंडल 6 → सूक्त 75 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 75
ऋजी॑ते॒ परि॑ वृङ्धि॒ नोऽश्मा॑ भवतु नस्त॒नूः । सोमो॒ अधि॑ ब्रवीतु॒ नोऽदि॑तिः॒ शर्म॑ यच्छतु ॥ (१२)
हे बाण! हमें सब प्रकार से बढ़ाओ. हमारा शरीर पत्थर के समान हो. सोम हमारा पक्षपात करता हुआ बोले. अदिति हमें सुख दें. (१२)
O arrow! Increase us by all means. Our body is like a stone. Som spoke while biasing us. Aditi give us happiness. (12)