हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.34.2

मंडल 7 → सूक्त 34 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
वि॒दुः पृ॑थि॒व्या दि॒वो ज॒नित्रं॑ श‍ृ॒ण्वन्त्यापो॒ अध॒ क्षर॑न्तीः ॥ (२)
बहने वाला जल स्वर्ग और धरती दोनों की उत्पत्ति जानता है एवं स्तुतियां सुनता है. (२)
The flowing water knows the origins of both heaven and earth and hears praises. (2)