ऋग्वेद (मंडल 7)
त्मना॑ स॒मत्सु॑ हि॒नोत॑ य॒ज्ञं दधा॑त के॒तुं जना॑य वी॒रम् ॥ (६)
हे सेवको! युद्धों में अपने आप जाओ. लोगों को ज्ञान कराने वाले एवं पापनाशक यञज्ञों को धारण करो. (६)
O servants! Go into the wars yourself. Possess the people who give knowledge and sinners. (6)