हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.66.14

मंडल 7 → सूक्त 66 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
उदु॒ त्यद्द॑र्श॒तं वपु॑र्दि॒व ए॑ति प्रतिह्व॒रे । यदी॑मा॒शुर्वह॑ति दे॒व एत॑शो॒ विश्व॑स्मै॒ चक्ष॑से॒ अर॑म् ॥ (१४)
वह दर्शनीय मंडल अंतरिक्ष के समीप उदय होता है. गतिशील एवं हरे रंग का घोड़ा उस मंडल को इस हेतु धारण करता है, जिससे सब लोग उसे देख सकें. (१४)
That visible circle rises near space. The moving and green horse holds the circle so that everyone can see it. (14)