हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.66.16

मंडल 7 → सूक्त 66 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
तच्चक्षु॑र्दे॒वहि॑तं शु॒क्रमु॒च्चर॑त् । पश्ये॑म श॒रदः॑ श॒तं जीवे॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥ (१६)
चक्षु के समान सबके प्रकाशक, देव हितकारक एवं उज्ज्वल सूर्य निकल रहे हैं. हम सौ वर्ष देखें और जीवित रहें. (१६)
Like the eye, everyone's publisher, god-benefactor and bright sun is coming out. Let's see a hundred years and live. (16)