हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
प्रति॑ के॒तवः॑ प्रथ॒मा अ॑दृश्रन्नू॒र्ध्वा अ॑स्या अ॒ञ्जयो॒ वि श्र॑यन्ते । उषो॑ अ॒र्वाचा॑ बृह॒ता रथे॑न॒ ज्योति॑ष्मता वा॒मम॒स्मभ्यं॑ वक्षि ॥ (१)
हे उषा! तुमसे पहले उत्पन्न एवं तुम्हारा ज्ञान कराने वाले प्रकाश दिखाई दे रहे हैं. तुम्हें प्रकट करने वाली किरणें सब ओर फैल रही हैं. हमारे सामने वर्तमान ज्योतियुक्त एवं विशाल रथ द्वारा हमारे लिए उत्तम धन लाओ. (१)
Hey Usha (Morning)! The light born before you and giving your knowledge is visible. The rays revealing you are spreading everywhere. Bring good wealth to us through the present lit and huge chariot in front of us. (1)

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
प्रति॑ षीम॒ग्निर्ज॑रते॒ समि॑द्धः॒ प्रति॒ विप्रा॑सो म॒तिभि॑र्गृ॒णन्तः॑ । उ॒षा या॑ति॒ ज्योति॑षा॒ बाध॑माना॒ विश्वा॒ तमां॑सि दुरि॒ताप॑ दे॒वी ॥ (२)
प्रज्वलित होकर अग्नि सब जगह बढ़ते हैं. विद्वान्‌ ऋत्विज्‌ स्तुतियों द्वारा उषा की प्रार्थना करते हैं. प्रकाश द्वारा अंधकारों को नष्ट करती हुई उषा देवी हमारे पाप समाप्त करती हुई आती है. (२)
When ignited, the fire grows everywhere. Scholars offer prayers to Usha through Ritvij hymns. Destroying the darkness with light, Usha Devi comes to end our sins. (2)

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
ए॒ता उ॒ त्याः प्रत्य॑दृश्रन्पु॒रस्ता॒ज्ज्योति॒र्यच्छ॑न्तीरु॒षसो॑ विभा॒तीः । अजी॑जन॒न्सूर्यं॑ य॒ज्ञम॒ग्निम॑पा॒चीनं॒ तमो॑ अगा॒दजु॑ष्टम् ॥ (३)
ये प्रसिद्ध, प्रभात करने वाली एवं तेज को बढ़ाने वाली उषाएं पूर्व दिशा में दिखाई देती हैं. उषाओं ने सूर्य, अग्नि और यज्ञ को जन्म दिया, जिससे नीचे जाने वाला एवं अप्रिय अंधकार नष्ट हो गया. (३)
These famous, morning-making and bright-enhancing rays are visible in the east direction. Ushas gave birth to Sun, Agni and Yagya, which destroyed the downward and unpleasant darkness. (3)

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
अचे॑ति दि॒वो दु॑हि॒ता म॒घोनी॒ विश्वे॑ पश्यन्त्यु॒षसं॑ विभा॒तीम् । आस्था॒द्रथं॑ स्व॒धया॑ यु॒ज्यमा॑न॒मा यमश्वा॑सः सु॒युजो॒ वह॑न्ति ॥ (४)
स्वर्गपुत्री एवं धनस्वामिनी उषा को सब जानने हैं. प्रभात करने वाली उषा को सब लोग देखते हैं. उषा अन्नयुक्त रथ पर सवार है एवं भली प्रकार जुड़े हुए घोड़े इस रथ को वहन करते हैं. (४)
Usha, the daughter of heaven and the owner of wealth, has to know everything. Everyone sees Usha who is doing morning. Usha is riding on an Annayukta chariot and well connected horses carry this chariot. (4)

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 78
प्रति॑ त्वा॒द्य सु॒मन॑सो बुधन्ता॒स्माका॑सो म॒घवा॑नो व॒यं च॑ । ति॒ल्वि॒ला॒यध्व॑मुषसो विभा॒तीर्यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥ (५)
हे उषा! हमारे शोभनमन वाले तथा धनस्वामी लोग एवं हम आज तुम्हें जगाते हैं. हे प्रभातकारिणी उषाओ! तुम संसार को स्नेहयुक्त कर दो. हे देवो! तुम कल्याणसाधनों द्वारा हमारी सदा रक्षा करो. (५)
Hey Usha! Our magnanimous and wealthy people and we wake you up today. Oh morning goddess! You make the world affectionate. O Gods! You always protect us by means of welfare. (5)