ऋग्वेद (मंडल 7)
ति॒स्रो द्यावो॒ निहि॑ता अ॒न्तर॑स्मिन्ति॒स्रो भूमी॒रुप॑राः॒ षड्वि॑धानाः । गृत्सो॒ राजा॒ वरु॑णश्चक्र ए॒तं दि॒वि प्रे॒ङ्खं हि॑र॒ण्ययं॑ शु॒भे कम् ॥ (५)
इन वरुण में तीन स्वर्ग, तीन भूमियां एवं छः दशाएं निहित हैं. प्रशंसनीय स्वामी वरुण ने सुनहरे झूले के समान सूर्य को प्रकाश के लिए बनाया है. (५)
There are three heavens, three lands and six dasas in these Varunas. The admirable Lord Varuna has made the sun like a golden swing for light. (5)