हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.17.11

मंडल 8 → सूक्त 17 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 17
अ॒यं त॑ इन्द्र॒ सोमो॒ निपू॑तो॒ अधि॑ ब॒र्हिषि॑ । एही॑म॒स्य द्रवा॒ पिब॑ ॥ (११)
हे इंद्र! यह सोम तुम्हारे लिए वेदी पर बिछे हुए कुशों पर विशेषरूप से शुद्ध किया गया है. तुम यहां आओ एवं इसे शीघ्र पिओ. (११)
O Indra! This mon has been especially purified for you on the kushas laid on the altar. You come here and drink it quickly. (11)