ऋग्वेद (मंडल 8)
ता मा॒ता वि॒श्ववे॑दसासु॒र्या॑य॒ प्रम॑हसा । म॒ही ज॑जा॒नादि॑तिरृ॒ताव॑री ॥ (३)
महती एवं सत्ययुक्त अदिति ने सबको जानने वाले, उत्कृष्ट तेज वाले मित्र व वरुण को असुरनाश करने वाली शक्ति के लिए उत्पन्न किया है. (३)
Aditi, who is a great and truthful, has created the power to know everyone, a friend of excellent speed and to asuras that will destroy Varun. (3)