हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.43.23

मंडल 8 → सूक्त 43 → श्लोक 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 43
तं त्वा॑ व॒यं ह॑वामहे श‍ृ॒ण्वन्तं॑ जा॒तवे॑दसम् । अग्ने॒ घ्नन्त॒मप॒ द्विषः॑ ॥ (२३)
हे अग्नि! तुम जातवेद, शत्रुनाशक एवं हमारी पुकार सुनने वाले हो. हम तुम्हें बुलाते हैं. (२३)
O agni! You are the JataVeda, the enemy and the one who hears Our call. We call you. (23)