ऋग्वेद (मंडल 8)
यद॑ग्ने दिवि॒जा अस्य॑प्सु॒जा वा॑ सहस्कृत । तं त्वा॑ गी॒र्भिर्ह॑वामहे ॥ (२८)
हे अग्नि! तुम स्वर्गलोक में उत्पन्न, अंतरिक्ष में उत्पन्न एवं शक्ति से उत्पन्न हो. हम तुम्हें स्तुति द्वारा बुलाते हैं. (२८)
O agni! You are born in heaven, born in space and born of power. We call you by praise. (28)