हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.43.28

मंडल 8 → सूक्त 43 → श्लोक 28 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 43
यद॑ग्ने दिवि॒जा अस्य॑प्सु॒जा वा॑ सहस्कृत । तं त्वा॑ गी॒र्भिर्ह॑वामहे ॥ (२८)
हे अग्नि! तुम स्वर्गलोक में उत्पन्न, अंतरिक्ष में उत्पन्न एवं शक्ति से उत्पन्न हो. हम तुम्हें स्तुति द्वारा बुलाते हैं. (२८)
O agni! You are born in heaven, born in space and born of power. We call you by praise. (28)