ऋग्वेद (मंडल 8)
यो मे॒ हिर॑ण्यसंदृशो॒ दश॒ राज्ञो॒ अमं॑हत । अ॒ध॒स्प॒दा इच्चै॒द्यस्य॑ कृ॒ष्टय॑श्चर्म॒म्ना अ॒भितो॒ जनाः॑ ॥ (३८)
जिस कशु राजा ने मेरी सेवा में सोने के रंग के दस राजाओं को नियुक्त किया, उसी राजा कशु के पैरों के तले सब प्रजाएं रहती हैं. (३८)
The Kashu king who appointed ten kings of the color of gold in my service, all the people live under the feet of the same king Kashu. (38)