हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.82.11

मंडल 8 → सूक्त 82 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 82
यस्य॑ ते॒ नू चि॑दा॒दिशं॒ न मि॒नन्ति॑ स्व॒राज्य॑म् । न दे॒वो नाध्रि॑गु॒र्जनः॑ ॥ (११)
हे इंद्र! लोग तुम्हारे आदेश और शासन का विरोध न पहले करते थे और न अब करते हैं. देव और युद्ध में शीघ्रतापूर्वक जाने वाले वीर-दोनों ही तुम्हारा विरोध नहीं करते. (११)
O Indra! People did not oppose your command and rule before, nor do they now. Both God and the heroes who go to war quickly do not oppose you. (11)