हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.82.26

मंडल 8 → सूक्त 82 → श्लोक 26 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 82
आ ते॒ दक्षं॒ वि रो॑च॒ना दध॒द्रत्ना॒ वि दा॒शुषे॑ । स्तो॒तृभ्य॒ इन्द्र॑मर्चत ॥ (२६)
हे इंद्र को हवि देने वाले ऋत्विजो एवं यजमानो! इंदर तुम्हारे लिए एवं स्तोताओं के लिए दीप्तिशाली बल और रत्न दें. तुम इंद्र की पूजा करो. (२६)
O Ritwijo and the hosts who gave the havi to Indra! Inder give you a radiant force and gemstone for you and for the psalms. You worship Indra. (26)