हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.90.9

मंडल 8 → सूक्त 90 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 90
आ नो॑ य॒ज्ञं दि॑वि॒स्पृशं॒ वायो॑ या॒हि सु॒मन्म॑भिः । अ॒न्तः प॒वित्र॑ उ॒परि॑ श्रीणा॒नो॒३॒॑ऽयं शु॒क्रो अ॑यामि ते ॥ (९)
हे वायु! तुम हमारी शोभन स्तुतियां सुनकर हमारे स्वर्ग को छूने वाले यज्ञ में आओ. घी, वेदमंत्र, कुश आदि पवित्र वस्तुओं के बीच में स्थित यह उज्ज्वल सोम तुम्हारे लिए निश्चित है. (९)
O air! You hear our glorious praises and come to the yagna that touches our heaven. Located among the sacred objects like ghee, vedamantra, kush etc. this bright mon is sure for you. (9)