हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.3.2

मंडल 9 → सूक्त 3 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 3
ए॒ष दे॒वो वि॒पा कृ॒तोऽति॒ ह्वरां॑सि धावति । पव॑मानो॒ अदा॑भ्यः ॥ (२)
उंगलियों द्वारा निचोड़ा गया सोमरस टपकता हुआ शत्रुओं को मारने के लिए जाता है. सोमरस को कोई पराजित नहीं कर सकता. (२)
The somarus squeezed by the fingers tends to kill the dripping enemies. No one can defeat Someras. (2)