हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.61.15

मंडल 9 → सूक्त 61 → श्लोक 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 61
अर्षा॑ णः सोम॒ शं गवे॑ धु॒क्षस्व॑ पि॒प्युषी॒मिष॑म् । वर्धा॑ समु॒द्रमु॒क्थ्य॑म् ॥ (१५)
हे सोम! तुम हमारी गायों को सुख दो. तुम हमारे लिए अधिक अन्न तथा प्रशंसनीय जल बढ़ाओ. (१५)
Hey Mon! You give pleasure to our cows. You increase more food and admirable water for us. (15)