हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.64.29

मंडल 9 → सूक्त 64 → श्लोक 29 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
हि॒न्वा॒नो हे॒तृभि॑र्य॒त आ वाजं॑ वा॒ज्य॑क्रमीत् । सीद॑न्तो व॒नुषो॑ यथा ॥ (२९)
जैसे युद्धस्थल में प्रवेश करने वाले योद्धा आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार शक्तिशाली सोम स्तोताओं द्वारा प्रेरित एवं संयत होकर यज्ञभूमि पर चलते हैं. (२९)
Just as the warriors who enter the battlefield attack, so the powerful Mons, inspired and restrained by the stotas, walk to the yagnabhoomi. (29)