हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.64.30

मंडल 9 → सूक्त 64 → श्लोक 30 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
ऋ॒धक्सो॑म स्व॒स्तये॑ संजग्मा॒नो दि॒वः क॒विः । पव॑स्व॒ सूर्यो॑ दृ॒शे ॥ (३०)
हे बुद्धिमान्‌ एवं शोभन शक्ति वाले सोम! तुम सबसे मिलकर सबके कल्याण और दर्शन के लिए स्वर्ग से बरसो. (३०)
O the wise and the soothing mon! Join you all together and rain down from heaven for the welfare and philosophy of all. (30)