हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.65.8

मंडल 9 → सूक्त 65 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 65
यस्य॒ वर्णं॑ मधु॒श्चुतं॒ हरिं॑ हि॒न्वन्त्यद्रि॑भिः । इन्दु॒मिन्द्रा॑य पी॒तये॑ ॥ (८)
हे अध्वर्युगण! तुम शत्रुओं को रोकने वाले, रस टपकाने वाले, हरे रंग से युक्त एवं दीप्तिशाली सोम को इंद्र के पीने के निमित्त पत्थरों की सहायता से निचोड़ो. (८)
O teacher! You squeeze the evil-stopper, the juice-dripping, the green-coloured and the radiant Som with the help of stones for Indra's drinking. (8)