हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.65.7

मंडल 9 → सूक्त 65 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 65
प्र सोमा॑य व्यश्व॒वत्पव॑मानाय गायत । म॒हे स॒हस्र॑चक्षसे ॥ (७)
हे स्तोताओ! तुम दशापवित्र से छनते हुए महान्‌ एवं हजारों स्तुतियों वाले सोम की प्रशंसा में व्यश्च ऋषि के समान गीत गाओ. (७)
This stotao! You sing songs like a sage in praise of the great and thousands of praises of The Great and Thousands of Praises, while filtering from dasapapvittra. (7)