ऋग्वेद (मंडल 9)
यदन्ति॒ यच्च॑ दूर॒के भ॒यं वि॒न्दति॒ मामि॒ह । पव॑मान॒ वि तज्ज॑हि ॥ (२१)
हे पवमान सोम! जो भय समीप, दूर अथवा इस स्थान में है, उसे भली प्रकार नष्ट करो. (२१)
O Pawman Mon! Destroy the fear that is near, far away, or in this place. (21)
मंडल 9 → सूक्त 67 → श्लोक 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation