हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.83.5

मंडल 9 → सूक्त 83 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 83
ह॒विर्ह॑विष्मो॒ महि॒ सद्म॒ दैव्यं॒ नभो॒ वसा॑नः॒ परि॑ यास्यध्व॒रम् । राजा॑ प॒वित्र॑रथो॒ वाज॒मारु॑हः स॒हस्र॑भृष्टिर्जयसि॒ श्रवो॑ बृ॒हत् ॥ (५)
हे जलयुक्त सोम! तुम जल को आच्छादित करते हुए विशाल यज्ञशाला में जाते हो. हे पवित्र रथ वाले राजा सोम! तुम युद्ध में जाते हो. हे अपरिमित गमन वाले सोम! तुम हमारे लिए बहुत सा अन्न जीतते हो. (५)
O jalyukta mon! You go to the huge yajnashala covering the water. O king of the holy chariot, Mon! You're going to war. O Mon of infinite passage! You win a lot of food for us. (5)