ऋग्वेद (मंडल 9)
जुष्टो॒ मदा॑य दे॒वता॑त इन्दो॒ परि॒ ष्णुना॑ धन्व॒ सानो॒ अव्ये॑ । स॒हस्र॑धारः सुर॒भिरद॑ब्धः॒ परि॑ स्रव॒ वाज॑सातौ नृ॒षह्ये॑ ॥ (१९)
हे पर्याप्त मद से युक्त सोम! तुम देवयज्ञ में ऊंचे एवं भेड़ के बालों से बने दशापवित्र पर बहने वाली धाराओं के साथ जाओ. हे अनेक धाराओं से युक्त एवं शोभनगंध वाले सोम! तुम अपराजित होकर मनुष्यों द्वारा सहन करने योग्य युद्ध में अन्नलाभ के लिए जाओ. (१९)
O Mon containing enough item! You go to Devyagna with the streams flowing on the dashapavitra made of high and sheep's hair. O mon with many streams and adornment! You go undefeated and go for food gain in a war that is tolerable by men. (19)