सामवेद (अध्याय 13)
एते सोमा असृक्षत गृणानाः शवसे महे । मदिन्तमस्य धारया ॥ (१५)
सोमरस की मददायी धाराओं के साथ ये सोम द्रोणकलश में छन रहे हैं. ये महान और कल्याणकारी हैं. (१५)
With the mad streams of Somers, these Soms are filtering in Dronakalash. They are great and welfare. (15)