हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.2.4

अध्याय 13 → खंड 2 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 2
पवीतारः पुनीतन सोममिन्द्राय पातवे । अथा नो वस्यसस्कृधि ॥ (४)
हे यजमानो! आप सोम को पवित्र करने वाले हैं. आप इंद्र के पीने के लिए सोमरस पवित्र कीजिए और हमारा कल्याण करने की कृपा कीजिए. (४)
O hosts! You are going to sanctify Som. You sanctify Someras for Indra to drink and please do us welfare. (4)