हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.6.3

अध्याय 14 → खंड 6 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 6
समत्स्वग्निमवसे वाजयन्तो हवामहे । वाजेषु चित्रराधसम् ॥ (३)
हे अग्नि! आप क्षमतावान व अदभुत हैं. हम युद्ध हेतु बल प्राप्ति के लिए आप का आह्वान करते हैं. (३)
O agni! You are capable and amazing. We call upon you to gain force for war. (3)