हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.6.5

अध्याय 14 → खंड 6 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 6
त्वँ हि नः पिता वसो त्वं माता शतक्रतो बभूविथ । अथा ते सुम्नमीमहे ॥ (५)
हे इंद्र! आप ही हमारे पिता और माता हैं. हम आप के पुत्र अच्छे मन से आप से अच्छे सुख चाहते हैं. आप शतकर्मा हैं. (५)
O Indra! You are our father and mother. We, your son, want good happiness from you with a good heart. You are a centurion. (5)