सामवेद (अध्याय 15)
इन्द्रस्य सोम राधसे पुनानो हार्दि चोदय । देवानां योनिमासदम् ॥ (६)
हे सोम! आप पवित्र हैं. आप इंद्र की आराधना हेतु हमें हार्दिक प्रेरणा देने की कृपा कीजिए. हम देव योनि के अनुकूल कार्य (यज्ञ) कर सकें. (६)
O Mon! You are holy. Please give us a warm inspiration to worship Indra. We can do work (yajna) according to dev yoni. (6)