हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 17.2.11

अध्याय 17 → खंड 2 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 17)

सामवेद: | खंड: 2
परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुर्मित्राय पूष्णे भगाय ॥ (११)
हे सोम! आप स्वादिष्ट हैं. आप मित्र, पूषा, भग और धन्वेंद्र (गोस्वामी इंद्र) के लिए प्रवाहित होइए. (११)
O Mon! You are delicious. You flow to friends, Pusha, Bhaga and Dhanvendra (Goswami Indra). (11)