हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 17.2.12

अध्याय 17 → खंड 2 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 17)

सामवेद: | खंड: 2
एवामृताय महे क्षयाय स शुक्रो अर्ष दिव्यः पीयूषः ॥ (१२)
हे सोम! आप चमकीले, दिव्य, अमृतमय और अमरता के लिए पृथ्वी पर क्षरित (प्रवाहित) होने की कृपा कीजिए. (१२)
O Mon! Please be bright, divine, elixirious and flow on the earth for immortality. (12)