हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 21.2.5

अध्याय 21 → खंड 2 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 21)

सामवेद: | खंड: 2
दाशेम कस्य मनसा यज्ञस्य सहसो यहो । कदु वोच इदं नमः ॥ (५)
हे अग्नि! हम किस मन से आप का भजन करें? हम कब आप को नमन करें? कब हमारी वाणियां आप को प्राप्त करें? (५)
O agni! With what heart should we worship you? When shall we bow down to you? When do we get our words to you? (5)